छतरपुर। जिले में फसल उपार्जन पंजीयन में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने बड़ामलहरा क्षेत्र के ग्राम पीरा में मौके पर पहुंचकर उपार्जन पंजीयन का सत्यापन किया। निरीक्षण के दौरान खेत में बोई गई फसल और कागजों में दर्ज फसल में अंतर मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया।
जांच के दौरान पाया गया कि किसान जितेन्द्र सिंह ने बड़ामलहरा क्षेत्र का निवासी होने के बावजूद गौरिहार की सेवा सहकारी समिति पचवरा में फसल पंजीयन कराया था। जब प्रभारी कलेक्टर ने संबंधित खेत का निरीक्षण किया तो पाया कि जिस भूमि पर मसूर की फसल का पंजीयन कराया गया था, वहां वास्तव में गेहूं की फसल बोई गई थी।
जानकारी के अनुसार किसान जितेन्द्र सिंह ने खसरा नंबर 33, 30, 29, 40 और 77 सहित लगभग 9 हेक्टेयर भूमि पर मसूर की फसल का पंजीयन कराया था, जबकि मौके पर खेत में गेहूं की फसल खड़ी मिली।
प्रारंभिक जांच में यह भी सवाल उठा कि बड़ामलहरा क्षेत्र के ग्राम पीरा का किसान गौरिहार क्षेत्र की समिति में फसल बेचने के लिए पंजीयन क्यों कराएगा। इस गड़बड़ी को गंभीर मानते हुए प्रभारी कलेक्टर नमः शिवाय अरजरिया ने बड़ामलहरा के एसडीएम को निर्देश दिए कि पटवारी हल्का पीरा गजेंद्र सिंह गौड़, सर्वेयर, समिति प्रबंधक और ऑपरेटर के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है, ताकि फसल पंजीयन में किसी भी प्रकार की अनियमितता और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
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