छतरपुर। जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित देरी गांव का उप स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों अव्यवस्थाओं का शिकार बना हुआ है। हालात यह हैं कि यह उप स्वास्थ्य केंद्र पूरे महीने में सिर्फ दो या तीन दिन ही खुल पाता है, जबकि बाकी दिनों में केंद्र पर ताला लटका रहता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यहां पदस्थ डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अक्सर नदारद रहते हैं। समय पर केंद्र नहीं खुलने के कारण मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ता है। खासतौर पर गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इलाज न मिलने की स्थिति में ग्रामीणों को मजबूरन छतरपुर जिला अस्पताल जाना पड़ता है, जिससे उन्हें समय और पैसे दोनों का नुकसान उठाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा गांव-गांव स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे जमीनी हकीकत में खोखले नजर आ रहे हैं।
देरी गांव के लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि उप स्वास्थ्य केंद्र को नियमित रूप से खोला जाए और डॉक्टर एवं स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को गांव में ही प्राथमिक इलाज की सुविधा मिल सके।
अगर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीण आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
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