छतरपुर। राजनगर थाना क्षेत्र के ग्राम कोटा में पुराने जमीन विवाद ने एक बार फिर खूनी रूप ले लिया। सोमवार देर रात हथियारबंद बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर 30 वर्षीय युवक संतोष पटेल की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है, वहीं जिला अस्पताल में आक्रोशित परिजनों ने जमकर हंगामा किया।
मृतक संतोष पटेल पिता हरिराम पटेल, निवासी ग्राम कोटा, की हत्या जमीन खरीद से जुड़े पुराने विवाद में होना बताई जा रही है। मृतक के भाई रामदयाल पटेल ने बताया कि संतोष ने रणधीर सिंह परमार से एक एकड़ जमीन करीब 14 लाख रुपये में खरीदी थी। इसी विवाद को लेकर पूर्व में भी आरोपियों द्वारा घर पर फायरिंग की जा चुकी थी, जिस पर रणधीर सिंह परमार, सत्यम सिंह, गोल्डी सिंह और बहादुर सिंह के खिलाफ आम्र्स एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा गया था।
हथियारों से लैस होकर पहुंचे आरोपी
परिजनों के अनुसार सोमवार रात संतोष पटेल अपने भाई के साथ घर पर मौजूद थे। तभी रणधीर सिंह परमार, बहादुर सिंह, नरेन्द्र सिंह, सत्यम सिंह, मेघनंद पाल, अंजुल बुंदेला (लखरावन), गोल्डी, शिवराज सिंह, नाती राजा, सौरभ सहित अन्य आरोपी धारदार हथियारों और बंदूकों से लैस होकर पहुंचे और गांव में दहशत फैलाते हुए फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग के दौरान संतोष के पेट में गोली लग गई।
परिजन घायल संतोष को मोटरसाइकिल से सीधे छतरपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जिला अस्पताल में हंगामा, सड़क जाम का प्रयास
घटना से आक्रोशित परिजनों ने जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया और शव को सड़क पर रखकर जाम करने का प्रयास किया। इस दौरान मौके पर मौजूद सीएसपी अरुण सोनी से धक्कामुक्की की भी स्थिति बन गई। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला शांत कराया गया।
जमानत के बाद जताया था जान का खतरा
इस हत्याकांड में एक अहम मोड़ सामने आया है। अधिवक्ता मनोज कुमार गंगेले ने बताया कि घटना से कुछ दिन पहले संतोष पटेल ने उन्हें फोन कर बताया था कि पुराने फायरिंग मामले में एक आरोपी को जमानत मिल गई है, जिससे उसकी जान को खतरा है। संतोष ने 26 दिसंबर को जिला न्यायालय में आवेदन टाइप कराया था और 27 दिसंबर को स्पीड पोस्ट से थाना राजनगर, पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा था। इसके बावजूद यह वारदात हो गई।
8 पुलिस टीमें गठित, 10 हजार का इनाम
सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अगम जैन स्वयं जिला अस्पताल पहुंचे। सिविल लाइन थाना प्रभारी सतीश सिंह, सिटी कोतवाली थाना प्रभारी अरविंद दांगी सहित भारी पुलिस बल तैनात किया गया। एसपी ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में 8 विशेष टीमें गठित की हैं।
पुलिस ने कई संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मुख्य आरोपियों पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। मामले की जांच जारी है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।
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