बकस्वाहा। बकस्वाहा क्षेत्र में स्टोन क्रेशरों से उड़ती धूल के कारण बढ़ते सड़क हादसों की शिकायतों के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। दमोह मार्ग पर जुझारपुरा गांव के समीप संचालित करीब एक दर्जन स्टोन क्रेशरों की जांच के लिए माइनिंग इंस्पेक्टर प्रभा शर्मा ने सोमवार को मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान माइनिंग इंस्पेक्टर ने क्रेशर संचालकों को कड़े निर्देश देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी क्रेशरों में अनिवार्य रूप से पानी के नोजल लगाने और नियमित जल छिड़काव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि धूल उड़ने पर प्रभावी नियंत्रण हो सके। साथ ही क्रेशरों को पूरी तरह कवर (पल्क) रखने के आदेश भी दिए गए।
प्रभा शर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि किसी भी क्रेशर से उड़ती धूल सड़क तक पहुंचती है और यातायात प्रभावित होता है, तो संबंधित क्रेशर का संचालन तत्काल बंद कराया जाएगा और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान माइनिंग इंस्पेक्टर ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि क्रेशरों से निकलने वाली धूल के कारण सड़क पर दृश्यता कम हो जाती है, जिससे विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ठंड के मौसम में धुंध के साथ धूल मिल जाने से हादसों का खतरा और भी बढ़ जाता है।
माइनिंग इंस्पेक्टर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी और नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि दो दिन पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष संदीप खरे सहित ग्रामीणों ने तहसीलदार के माध्यम से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था, जिसमें दमोह मार्ग पर जुझारपुरा गांव के पास संचालित स्टोन क्रेशरों को सड़क हादसों का प्रमुख कारण बताया गया था। तहसीलदार द्वारा शीघ्र कार्रवाई के आश्वासन के बाद प्रशासन ने यह निरीक्षण किया।
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