नौगांव तोरण द्वार हादसा: मजदूर की मौत पर परिजनों का हंगामा, प्रशासन पर गंभीर आरोप

नौगांव। नौगांव नगर पालिका द्वारा निर्माणाधीन तोरण द्वार के अचानक ढह जाने से हुए दर्दनाक हादसे में एक मजदूर की मौत के बाद शनिवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। मृतक मजदूर मिलन (26) के पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव लेने से इनकार करते हुए प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।
परिजनों का कहना था कि हादसे के 24 घंटे बीत जाने के बावजूद जिले का कोई वरिष्ठ अधिकारी उनसे मिलने नहीं पहुंचा, जिससे वे बेहद आहत हैं। पोस्टमार्टम हाउस में करीब दो घंटे तक परिजनों का विरोध प्रदर्शन चलता रहा। सूचना मिलने पर पूर्व मंत्री मानवेंद्र सिंह ‘भंवर राजा’ ने फोन पर परिजनों से चर्चा कर हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। उनके हस्तक्षेप के बाद परिजन शव ले जाने को सहमत हुए।
घटना की जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक नीरज दीक्षित भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि नगर पालिका और जिला प्रशासन से मिलकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी।
निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
हादसे के बाद नगर में तोरण द्वार की निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। लगभग 9 लाख रुपये की लागत से बनाए जा रहे इस तोरण द्वार की निगरानी नगर पालिका के इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर गगन सूर्यवंशी कर रहे थे। आरोप है कि उनके पास सिविल इंजीनियरिंग से संबंधित कोई डिप्लोमा नहीं है, फिर भी लंबे समय से उनसे सिविल निर्माण कार्य कराए जा रहे थे।
स्थानीय लोगों और पार्षदों ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित नहीं रहते थे और निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके चलते यह हादसा हुआ।

पहले भी हो चुकी शिकायत है
नगर पालिका के कुछ पार्षदों द्वारा पूर्व में भी निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की शिकायत जिला कलेक्टर से की गई थी। जांच टीम गठित करने के निर्देश तो दिए गए थे, लेकिन आज तक जांच पूरी नहीं हो सकी। शनिवार को नगर पालिका में अवकाश होने के कारण परिजनों को सीएमओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने में भी परेशानी हुई।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक मिलन ग्राम कहर्रा का निवासी था और रोजी-रोटी के लिए नौगांव में मजदूरी करता था। उसके दो छोटे बच्चे हैं, जबकि पत्नी गर्भवती है। मृतक के भाई ने कहा, “भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट हमारे भाई की जान चली गई। अब हमारे परिवार का पालन-पोषण कौन करेगा?”
हादसे में घायल एक अन्य मजदूर का इलाज छतरपुर जिला अस्पताल में चल रहा है, जबकि दूसरा नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती है।
जांच और कार्रवाई की मांग
उल्लेखनीय है कि दो वर्ष पूर्व भी नौगांव नगर पालिका में कार्य के दौरान एक कर्मचारी की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद ठोस कार्रवाई न होने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों, परिजनों और नागरिकों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस द्वारा किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। एसडीएम ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।

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