पाक खिलाड़ियों से हाथ मिलाने पर हंगामा!भारतीय मिडफील्डर ने दिया करारा जवाब

नई दिल्ली।क्रिकेट, हॉकी या कबड्डी—खेल कोई भी हो, मुकाबले से पहले और बाद में खिलाड़ियों का एक-दूसरे से हाथ मिलाना खेल भावना का प्रतीक माना जाता है। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है, लेकिन हाल के दिनों में भारत-पाकिस्तान मुकाबलों में ‘हैंडशेक’ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

एशिया कप और इसके बाद महिला वर्ल्ड कप में भारतीय खिलाड़ियों द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ न मिलाने के फैसले ने खूब सुर्खियां बटोरीं। इसके बाद जोहर कप में भारतीय खिलाड़ियों द्वारा पाक खिलाड़ियों के साथ हाई-5 करने से यह मुद्दा और गरमा गया। अब इस पूरे विवाद पर भारतीय हॉकी टीम के मिडफील्डर रोशन कुजुर का बयान सामने आया है।

“हमसे हाथ न मिलाने का कोई निर्देश नहीं था”

टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में रोशन कुजुर ने साफ कहा कि खिलाड़ियों को हाथ मिलाने से मना नहीं किया गया था। उन्होंने कहा,

“ऐसा नहीं था कि हमें हाथ मिलाने से रोका गया हो। हम बतौर खिलाड़ी पूरी मेहनत और प्रतिबद्धता के साथ खेलने उतरे थे। हमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों में कोई दुश्मन नजर नहीं आता। वे भी हमारी तरह खिलाड़ी ही हैं।”

रोशन कुजुर ने यह भी स्पष्ट किया कि खेल के मैदान में प्रतिस्पर्धा जरूरी है, लेकिन दुश्मनी नहीं।

“हम पाकिस्तान के खिलाफ हमेशा जीतना चाहते हैं, लेकिन यह मैच ड्रॉ रहा। फिर भी मुकाबला काफी अच्छा था।”

भारत-पाक मुकाबला रहा ड्रॉ

जोहर कप के लीग स्टेज में भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया मुकाबला 3-3 से ड्रॉ रहा। टूर्नामेंट में पाकिस्तान की टीम चौथे स्थान पर रही, जबकि भारत ने फाइनल में जगह बनाई।

फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से मिली हार

18 अक्टूबर को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत का सामना ऑस्ट्रेलिया से हुआ। मैच के 58वें मिनट तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं, लेकिन अंतिम दो मिनट में ऑस्ट्रेलिया ने गोल दागकर 2-1 की बढ़त बना ली। कंगारू टीम ने यह बढ़त बनाए रखते हुए खिताब अपने नाम कर लिया।

खेल भावना की मिसाल

रोशन कुजुर का बयान खेल भावना और आपसी सम्मान की एक अहम मिसाल माना जा रहा है। उनके शब्दों ने साफ कर दिया है कि मैदान पर कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद खिलाड़ी एक-दूसरे को सम्मान देना जानते हैं।

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