छतरपुर। जिले के ईशानगर क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार प्रशासन को खुली चुनौती देता नजर आ रहा है। अंग्रेजी कम्पोजिट शराब दुकानों से निकलकर अब शराब सब्जी की तरह फेरी लगाकर गांव-गांव तक पहुंचाई जा रही है, लेकिन आबकारी विभाग और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
हाल ही में दिदोल तिगेला के पास स्थित पावर प्लांट के सामने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बिना नंबर प्लेट की दो टीवीएस रेडियन बाइकों पर सवार तीन युवक खुलेआम छह पेटी शराब ले जाते दिखाई दे रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि उन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नजर नहीं आता, मानो क्षेत्र में कानून व्यवस्था शिथिल पड़ गई हो।
ग्रामीणों का आरोप है कि अंग्रेजी कम्पोजिट शराब दुकान की मिलीभगत के बिना इतना खुला खेल संभव नहीं है। लोगों का कहना है कि बिना नंबर की बाइकों से शराब परिवहन आखिर किसकी संरक्षण में हो रहा है? आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस किन कारणों से मौन है, यह बड़ा सवाल बनता जा रहा है। क्या ईशानगर अब अवैध शराब तस्करी का सुरक्षित गलियारा बन चुका है?
स्थानीय निवासियों के अनुसार, अवैध शराब के बढ़ते कारोबार से युवाओं में नशाखोरी तेजी से बढ़ रही है। घरों में कलह और क्षेत्र में अपराध की घटनाओं में इजाफा हो रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की चुप्पी संदेह को और गहरा रही है तथा माफिया के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से अविलंब कार्रवाई की मांग करते हुए अवैध शराब कारोबार पर सख्त रोक लगाने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
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