छतरपुर।
जिले में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति को सख्ती से लागू करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नमः शिवाय अरजरिया ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। जनपद पंचायत बिजावर की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्रीमती अंजना नागर सहित चार अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सरकारी धन के गबन का दोषी पाए जाने पर उनसे कुल 13.26 लाख रुपये की वसूली के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
यह मामला जनपद पंचायत बिजावर की ग्राम पंचायत अनगौर अंतर्गत स्वीकृत नंदन फलोद्यान कार्यों में हुई गंभीर वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि बिना किसी जमीनी कार्य के तथा सरपंच एवं सचिव के हस्ताक्षरों के अभाव में फर्जी तरीके से सरकारी राशि का भुगतान कर दिया गया।
घोटाले का खुलासा उस समय हुआ जब सहायक लेखाधिकारी द्वारा फर्जी मटेरियल लिस्ट और एफटीओ (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) जारी किए जाने की शिकायत जिला पंचायत में की गई। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सीईओ द्वारा कार्यपालन यंत्री सलिल सिंह एवं राजनगर जनपद सीईओ राकेश शुक्ला की संयुक्त जांच समिति गठित की गई।
जांच दल की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि ग्राम पंचायत अनगौर के 11 हितग्राहियों के लिए स्वीकृत नंदन फलोद्यान कार्यों में सामग्री भुगतान बिना सहायक यंत्री के माप सत्यापन एवं देयक प्रमाणीकरण के कर दिया गया। अभिलेखों की जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि भुगतान संबंधी देयकों पर न तो सरपंच के हस्ताक्षर थे और न ही सचिव के, बल्कि केवल ग्राम रोजगार सहायक एवं उपयंत्री के हस्ताक्षरों के आधार पर राशि आहरित कर ली गई।
जांच के दौरान सबसे गंभीर लापरवाही यह उजागर हुई कि जनपद सीईओ अंजना नागर ने स्वयं जून 2025 में जारी एक नोटिस में यह स्वीकार किया था कि मौके पर कोई वृक्षारोपण कार्य मौजूद नहीं है। इसके बावजूद ग्राम पंचायत सचिव द्वारा एफटीओ निरस्त करने के लिए दिए गए लिखित आवेदन की अनदेखी करते हुए अगस्त माह में 13.26 लाख रुपये का अवैध भुगतान सुनिश्चित किया गया।
इस पूरे प्रकरण में जनपद सीईओ अंजना नागर, सहायक लेखाधिकारी दिलीप गुप्ता, उपयंत्री विकास श्रीवास्तव तथा ग्राम रोजगार सहायक राकेश मिश्रा को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया है। जिला पंचायत सीईओ द्वारा मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 89 के अंतर्गत चारों दोषियों से समान अनुपात में 3.315 लाख रुपये प्रति व्यक्ति की वसूली हेतु नोटिस जारी किए गए हैं।
प्रकरण की अगली सुनवाई की तिथि 06 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। इस कार्रवाई से जिले में पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
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